उपजाऊ मिट्टी नासमझी और मनमानी से बन रही जहर

इटारसी। सोना उगलने वाले होशंगाबाद जिले की उपजाऊ मिट्टी किसानों की नासमझी और मनमानी की वजह से जहर में तब्दील होती जा रही है। बंपर पैदावार के मामले में पंजाब जैसे कृषि प्रधान प्रदेश को पीछे छोड़ने वाले जिले में कीटनाशक दवाओं के अंधाधुध प्रयोग से मिट्टी में मौजूद आर्गेनिक तत्वों का असंतुलन बढ़ता जा रहा है। इससे जहां पैदावार प्रभावित हो रही है वहीं रासायनिक तत्वों से पैदा अनाज के सेवन से मानव शरीर को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ रहा है। निकट भविष्य में रासायनिक खेती के गंभीर दुष्परिणाम किसानों को भुगतना पड़ सकते हैं।

किसानों को नहीं परवाह

ग्रीन हाउस किसानो के लिए वरदान

ग्रीन हाउस किसानो के लिए वरदान

ग्रीन हाउस के माध्यम से किसान कम लागत में अपने सपनों को नई उडान दे सकते है | ग्रीन हाउस कि तकनीक काफी किफायती है | कम जगह में अच्छी फसल देना इसकी खूबी है | ग्रीन हाउस में बहुत अधिक गर्मी है या सर्दी से फसलों कि रक्षा करते है,धुल और बर्फ के तूफानों से पौधों कि ढाल बनते है और किटों को बाहर रखने में मदद करते है,प्रकाश और तापमान नियंत्रण कि वजह से ग्रीन हाउस कृषि के अयोग्य भूमि को कृषि योग्य भूमि में बदल देता है | यह तकनीक पौधों को प्रतिकूल दशाओं के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करती है | कृषि से सम्बन्ध रखने वाले युवा जो पहले खेती करना छोड़कर नौकरी के लिए शहर कि तरफ जाने लगे थे | वो अब ग्रीन हाउस कि

माह वार करें सब्जियों की खेती

माह वार करें सब्जियों की खेती

संबंधित महीनों में उगाई जाने वाली सब्जियों का विवरण निम्‍नानुसार है :
माह फसलें
जनवरी
राजमा, शिमला मिर्च, मूली, पालक, बैंगन, चप्‍पन कद्दू
फरवरी
राजमा, शिमला मिर्च, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, फूलगोभी, बैंगन, भिण्‍डी, अरबी, एस्‍पेरेगस, ग्‍वार
मार्च
ग्‍वार, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, भिण्‍डी, अरबी
अप्रैल
चौलाई, मूली
मई 
फूलगोभी, बैंगन, प्‍याज, मूली, मिर्च

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