खेत की तैयारी में छुपा है पौध संरक्षण

वर्ष में अधिकांश खेती का रकबा दो फसली फसल प्रणाली के तहत चलता है कुछ आंशिक क्षेत्र में जायद की फसलों को लगाकर अतिरिक्त आय के साधन की व्यवस्था की जाती है। फसल चाहे कोई भी हो खाद्यान्नों की हो अथवा उद्यानिकी सभी में कीट, रोगों का आक्रमण आम बात है और पौध संरक्षण में बचाव की भूमिका को यदि अधिक महत्व दिया जाये तो एक तीर से दो शिकार सम्भव हो सकेगा। एक तो पौध संरक्षण में कीट/ रोगों के उपचार पर होने वाले व्यय की बचत हो सकेगी। दूसरा कीटनाशकों के उपयोग से होने वाली पर्यावरण की हानि पर भी रोक लग सकेगी।

एंटीबायोटिक्स को बेअसर करती खाद

रिसर्चरों को पता चला है कि गाय की खाद से ऐसे कई एंटीबायोटिक प्रतिरोधी जीन्स मिट्टी में उगने वाली सब्जियों में पहुंच जाते हैं. ये जीन हमारे खाने में पहुंच कर शरीर को कई एंटीबायोटिक दवाओं के लिए बेअसर बना रहे हैं.

जैविक खाद क्या है

जैविक खाद वे सूक्ष्म जीव हैं जो मृदा में पोषक तत्वों को बढ़ा कर उसे उर्वर बनाते हैं। प्रकृति में अनेक जीवाणु और नील हरित शैवाल पाए जाते हैं जो या तो स्वयं या कुछ अन्य जीवों के साथ मिलकर वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का यौगिकीकरण करते हैं( वातावरण में मौजूद गैसीय नाइट्रोजन को अमोनिया में परिवर्तित करते हैं)। इसी प्रकार, प्रकृति में अनेक कवक और जीवाणु पाए जाते हैं जिनमें मृदा में बंद्ध फॉस्फेट को मुक्त करने की क्षमता होती है। कुछ ऐसे कवक भी होते हैं जो कार्बनिक पदार्थों को तेजी से विघटित करते हैं जिसके फलस्वरूप मृदा को पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। अत: जैविक खादें नाइट्रोजन के यौगिकीकरण, फॉस्फेट की घुल

जल प्रबंधन क्या है?

जल संसाधन पानी के वह स्रोत हैं जो मानव के लिए उपयोगी हों या जिनके उपयोग की संभावना हो। पानी के उपयोगों में शामिल हैं कृषि, औद्योगिक, घरेलू, मनोरंजन हेतु और पर्यावरणीय गतिविधियों में। वस्तुतः इन सभी मानवीय उपयोगों में से ज्यादातर में ताजे जल की आवश्यकता होती है।

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