नीम से करें 350 दुश्मन कीट का खात्मा

नीम औषधीय गुणों की खान है। यह कृषि उपयोग में लाए जाने वाले कीटनाशकों का भी असरदार विकल्प है। इन्हीं विशेषताओं के चलते आज नीम खेती-बाड़ी के लिए महत्वपूर्ण होता जा रहा है। बेशक नीम के गुणों को आयुर्वेद के जन्मदाता भारत ने भुला दिया हो लेकिन विदेशों ने इस पर सिर्फ काम किया बल्कि इसके गुणों का दोहन भी किया। जानकारी के अनुसार जापान अब तक नीम से बने 59 उत्पाद, अमेरिका 54 उत्पाद, भारत 36 उत्पाद और इंग्लैंड 6 उत्पादों को पैटेंट करवा चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार नीम से करीब 350 किस्मों के हानिकारक कीटों का खात्मा हो सकता है। नीम से जो कीटनाशक तत्व प्राप्त होता है, उसे अजादिरिक्टन कहते हैं। यह भी की

जैविक खाद निर्माण की विधि

जैविक खाद निर्माण की विधि

जैव उर्वरक (Organic fertilizers) उन उर्वरकों को कहते हैं जो जन्तुओं या वनस्पतियों से प्राप्त होते हैं। जैसे खाद, कम्पोस्ट, आदि

जैविक खेती से लाभ

जैविक खेती (Organic farming) कृषि की वह विधि है जो संश्लेषित उर्वरकों एवं संश्लेषित कीटनाशकों के अप्रयोग या न्यूनतम प्रयोग पर आधारित है तथा जो भूमि की उर्वरा शक्ति को बचाये रखने के लिये फसल चक्र, हरी खाद, कम्पोस्ट आदि का प्रयोग करती है। सन् १९९० के बाद से विश्व में जैविक उत्पादों का बाजार काफ़ी बढ़ा है।

मिट्टी की खाद में नाइट्रोजन की भूमिका

नाइट्रोजन (Nitrogen), भूयाति या नत्रजन एक रासायनिक तत्व है जिसका प्रतीक N है। इसका परमाणु क्रमांक 7 है। सामान्य ताप और दाब पर यह गैसहै तथा पृथ्वी के वायुमण्डल का लगभग 78% नाइट्रोजन ही है। यह सर्वाधिक मात्रा में तत्व के रूप में उपलब्ब्ध पदार्थ भी है। यह एक रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन और प्रायः अक्रिय गैस है। इसकी खोज 1772 में स्कॉटलैण्ड के वैज्ञनिक डेनियल रदरफोर्ड ने की थी।

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