बीजोपचार का कृषि मे महत्व

BeejUpchar, बीजउपचार

कृषि क्षेत्र की प्राथमिकता उत्पादकता को बनाये रखने तथा बढ़ाने मे बीज का महत्वपूर्ण स्थान है। उत्पादकता बढ़ाने के लिए उत्तम बीज का होना अनिवार्य है। उत्तम बीजों के चुनाव के बाद उनका उचित बीजोपचार भी जरूरी है क्यों कि बहुत से रोग बीजो से फैलते है। अतः रोग जनको, कीटों एवं असामान्य परिस्थितियों से बीज को बचाने के लिए बीजोपचार एक महत्वपूर्ण उपाय है।

बीजोपचार के लाभ

बोने से पहले ही आप पानी और नमक के घोल से पता कर सकते हैं कि बीज खराब या अच्छा।

अक्सर आपने देखा होगा कि आप बीज बाजार से खरीद कर लाएं और खेती में बो दिया। अब फसल तैयार होने के बाद पता चला कि कहीं पर फसल ज्यादा आई और कहीं पर कम। ऐसे में आमतौर पर आप किस्मत को ही दोष देते हैं। जबकि इसमें आपके ज्ञान की कमी ही असली कारण हैं। या यूं कहें कि आप बाजार से बीज लेकर आए, लेकिन दुकानदार ने बीज खराब दे दिया।

बोने से पहले ही आप पानी और नमक के घोल से पता कर सकते हैं कि बीज खराब या अच्छा।

आयातित केंचुआ या देसी केंचुआ?

आयातित केंचुआ या देसी केंचुआ?

वर्मीकम्पोस्ट खाद बनाने में इस्तेमाल किये जाने वाले आयातित केंचुओं को भूमि के उपजाऊपन के लिये हानिकारक मानने वाले श्री पालेकर बताते है कि दरअसल इनमें देसी केचुओं का एक भी लक्षण दिखाई नहीं देता। आयात किया गया यह जीव केंचुआ न होकर आयसेनिया फिटिडा नामक जन्तु है, जो भूमि पर स्थित काष्ट पदार्थ और गोबर को खाता है। जबकि हमारे यहां पाया जाने वाला देशी केंचुआ मिट्टी एवं इसके साथ जमीन में मौजूद कीटाणु एवं जीवाणु जो फसलों एवं पेड़- पौधों को नुकसान पहुंचाते है, उन्हें खाकर खाद में रूपान्तरित करता है। साथ ही जमीन में अंदर बाहर ऊपर नीचे होता रहता है, जिससे भूमि में असंख्यक छिद्र होते हैं, जिससे वायु का स

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